भोपाल/जबलपुर: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर मानहानि मामले में अपनी टिप्पणी पर खेद (regret) व्यक्त किया है। यह मामला 2018 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है।
मामला क्या है?
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में झाबुआ की एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने ‘पनामा पेपर्स’ विवाद का उल्लेख करते हुए एक टिप्पणी की थी, जिसमें कथित रूप से कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम आ गया था। इसके बाद कार्तिकेय सिंह ने दावा किया कि इस बयान से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा और उन्होंने भोपाल की विशेष अदालत में मानहानि का मामला दर्ज कराया।
अदालत में क्या हुआ?
मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में यह कहा गया कि उनका बयान कार्तिकेय सिंह चौहान से संबंधित नहीं था, और यह एक त्रुटिपूर्ण उल्लेख था। साथ ही उन्होंने पहले दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए अदालत में खेद व्यक्त किया।
राहुल गांधी ने अदालत से यह भी आग्रह किया कि उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को समाप्त किया जाए।
अदालत का रुख
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत दलीलों और खेद को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही समाप्त करने का निर्णय लिया। विशेष अदालत में लंबित मानहानि मामला भी समाप्त कर दिया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में भी बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा ने राहुल गांधी के रुख पर तंज कसते हुए प्रतिक्रिया दी, जबकि कांग्रेस की ओर से इसे एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया।
यह पूरा मामला 2018 के एक चुनावी भाषण से शुरू हुआ था, जो अब अदालत में खेद और कार्यवाही समाप्ति के साथ समाप्ति की ओर पहुँच गया है।













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