डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल बढ़ गई है। इसी बीच मुहर्रम के मौके पर यात्रा करने वालों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले पेट्रोल और डीजल के ताज़ा दाम अवश्य जांच लें, क्योंकि देशभर में ईंधन कीमतें अंतरराष्ट्रीय रुझानों और टैक्स संरचना के अनुसार रोजाना बदलती रहती हैं।
कच्चे तेल की बढ़त से बाजार में दबाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। हालिया बढ़त के चलते ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की लागत पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में घरेलू ईंधन कीमतों पर भी दबाव देखा जा सकता है।
रोजाना तय होते हैं ईंधन के दाम
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेल विपणन कंपनियों द्वारा हर दिन सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं। ये कीमतें कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव, डॉलर-रुपया विनिमय दर और राज्यों के टैक्स के आधार पर तय होती हैं।
इसी वजह से अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भिन्न होती हैं और इनमें रोजाना बदलाव संभव है।
यात्रियों के लिए सलाह
मुहर्रम के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी भी तरह के बदलाव का असर सीधे यात्रा बजट पर पड़ सकता है। इसलिए वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर के ताज़ा रेट जरूर जांच लें।
वैश्विक संकेतों पर नजर
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें अभी अस्थिर रह सकती हैं। इसका असर आगे भी घरेलू बाजार पर देखने को मिल सकता है।













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