डेस्क : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने ग्रामीण रोजगार से जुड़ी केंद्र की नई योजना विकसित भारत-गैरंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G को लागू करने का फैसला लेकर एक बड़ा राजनीतिक यू-टर्न ले लिया है। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ महीने पहले ही राज्य सरकार ने इस योजना का विरोध किया था।
अब राज्य सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके तहत यह नई ग्रामीण रोजगार योजना 1 जुलाई 2026 से पंजाब में लागू हो गई है। यह योजना पुराने मनरेगा ढांचे की जगह लेगी और ग्रामीण रोजगार प्रणाली में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कदम पंजाब की वित्तीय स्थिति और बढ़ते कर्ज संकट से जुड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि राज्य सरकार पहले इस योजना का विरोध कर रही थी, लेकिन बाद में आर्थिक दबावों के चलते इसे स्वीकार करना पड़ा।
रिपोर्टों के अनुसार, इस नई योजना के लागू होने से ग्रामीण रोजगार के ढांचे में बदलाव होगा और केंद्र-राज्य फंडिंग पैटर्न भी नए नियमों के तहत आएगा। योजना में रोजगार गारंटी के दिनों और कार्यान्वयन प्रणाली में भी संशोधन किया गया है, जिससे राज्यों की जिम्मेदारी बढ़ सकती है।
पंजाब में इस फैसले के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे “नीतिगत अस्थिरता” करार दिया है। वहीं सरकार का कहना है कि यह निर्णय ग्रामीण विकास और रोजगार को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है, खासकर तब जब राज्य पहले से ही आर्थिक दबाव और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है।













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