जयपुर : वैश्विक संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ा है, लेकिन भारत में ईंधन और तेल की आपूर्ति पर इसका बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दिए अपने संबोधन में बताया कि कठिन वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के कारण कई देशों में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है, लेकिन भारत ने समय रहते अपनी ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को मजबूत किया, जिससे देश में स्थिति नियंत्रण में रही।
उन्होंने बताया कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में वैश्विक संकट का सीधा असर पड़ सकता था, लेकिन सरकार ने विभिन्न देशों से आपूर्ति बनाए रखने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार ने रणनीतिक तेल भंडारण, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और वैकल्पिक स्रोतों पर काम करते हुए यह सुनिश्चित किया कि आम जनता को ईंधन संकट का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में सरकार का फोकस यह रहा कि महंगाई को नियंत्रण में रखते हुए देश की ऊर्जा जरूरतें लगातार पूरी होती रहें।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की यह ऊर्जा नीति देश की आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है।













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