कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म मामले के एक मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मार गिराया है। मारे गए आरोपी की पहचान प्रभास मंडल के रूप में हुई है, जिसे नदी से बच्ची का शव निकालते समय रंगे हाथों पकड़ा गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को पूरे मामले की जांच कर 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं।
रात के अंधेरे में सीन रीक्रिएशन, फिर हुई मुठभेड़
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से आरोपी प्रभास मंडल को रात के समय वारदात वाली जगह पर ले जाया गया था। यह इलाका घने जंगलों से घिरा है और रास्ते बेहद कच्चे हैं।
रात करीब 12:45 बजे जब पुलिस टीम आरोपी को लेकर सीन रीक्रिएट करने पहुंची, तब भी वह अपराध में अपनी संलिप्तता से इनकार कर रहा था। इसी बीच, आरोपी ने अचानक एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए घने जंगल की तरफ भागने का प्रयास किया।
पुलिस का आधिकारिक बयान:
“आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने के लिए हथियार छीनकर फायरिंग शुरू कर दी थी। आत्मरक्षा (Self-Defense) में पुलिसकर्मियों को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस क्रॉस-फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”
मदद के लिए मिलने वाले थे 10 हजार रुपये
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में मंडल ने दावा किया था कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों ने उसे सिर्फ लड़की के शव को ठिकाने लगाने (वापस लाने) की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस काम के एवज में उसे 10,000 रुपये देने का वादा किया गया था। हालांकि, पुलिस अभी इस दावे की गहनता से जांच कर रही है।
“उसने गलत किया, शव भी स्वीकार नहीं करूंगी” — आरोपी की मां
इस एनकाउंटर के बाद आरोपी प्रभास मंडल के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। आरोपी की मां ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में कहा:
“रात में दो पुलिसवाले घर आए और बेटे की मौत की खबर दी। उन्होंने मुझसे अस्पताल चलने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। मेरे बेटे ने जो किया, उसे उसकी सजा मिल गई है। उसने कोई अच्छा काम नहीं किया था। हम उसका शव घर पर नहीं लाएंगे और न ही उसे स्वीकार करेंगे। पुलिस उसके शव का जो चाहे वो करे।”
शव मिलने के बाद भड़क उठी थी हिंसा
गौरतलब है कि बीते 4 जुलाई को लापता हुई इस मासूम बच्ची का शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरे में बंद मिला था। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने बारुईपुर-जयनगर रोड को पूरी तरह जाम कर दिया, सड़कों पर टायर फूंके और पुलिस के कई वाहनों में तोड़फोड़ की। रविवार को आक्रोश इस कदर बढ़ गया था कि भीड़ ने बच्ची की मौत में शामिल होने के संदेह में एक अन्य व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या (Mob Lynching) भी कर दी थी। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है।













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