डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर अब भारत के ईंधन बाजार में भी दिखाई देने लगा है। सऊदी अरब की ओर से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी की शुरुआत हुई है। लंबे समय बाद ईंधन की कीमतों में राहत मिलने से उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, निजी क्षेत्र की तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में करीब 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की है। इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का सीधा असर माना जा रहा है।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में कमी आने से तेल कंपनियों की लागत घटती है, जिसका असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में नरमी देखी गई है।
हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती का अभी इंतजार है। उपभोक्ताओं की नजर अब इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के अगले फैसले पर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में और राहत मिल सकती है। तेल कंपनियां कीमतों में बदलाव करते समय वैश्विक बाजार, रुपये की स्थिति और अपनी लागत को ध्यान में रखती हैं।













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