डेस्क : अभिनेता, डांसर और कॉमेडियन जावेद जाफरी ने अपने फिल्मी करियर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में मौजूद ग्रुपिज्म और पीआर सिस्टम के कारण वह ए-लिस्ट स्टार का दर्जा हासिल नहीं कर पाए। जावेद जाफरी का कहना है कि कई बार कलाकार की प्रतिभा के साथ-साथ इंडस्ट्री में उसके संपर्क और प्रचार की रणनीति भी सफलता में अहम भूमिका निभाती है।
एक इंटरव्यू में जावेद जाफरी ने कहा कि उन्होंने कभी किसी खास ग्रुप का हिस्सा बनने या अपनी छवि चमकाने के लिए आक्रामक पीआर का सहारा नहीं लिया। उनका मानना है कि बॉलीवुड में कुछ कलाकारों को ज्यादा मौके और पहचान मिलती है, जबकि कई प्रतिभाशाली कलाकार पीछे रह जाते हैं।
सलमान खान का भी दिया उदाहरण
जावेद जाफरी ने अपनी बात रखते हुए अभिनेता सलमान खान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सलमान खान को भी करियर के शुरुआती दौर में लोगों ने नजरअंदाज किया था। फिल्म बीवी हो तो ऐसी के बाद एक समय ऐसा भी था जब कई लोगों ने उन्हें सफल अभिनेता नहीं माना, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर खुद को साबित किया और बॉलीवुड के बड़े सितारों में शामिल हो गए।
अभिनय, डांस और कॉमेडी में बनाई पहचान
जावेद जाफरी ने बॉलीवुड में अभिनेता के साथ-साथ बेहतरीन डांसर और कॉमेडियन के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी डांसिंग शैली और कॉमिक टाइमिंग को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। उन्होंने कई फिल्मों और टेलीविजन कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
हालांकि, जावेद जाफरी का मानना है कि उनकी प्रतिभा के बावजूद उन्हें वह स्टारडम नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के लिए सिर्फ हुनर ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही अवसर और समर्थन भी जरूरी होता है।
जावेद जाफरी का यह बयान एक बार फिर बॉलीवुड में ग्रुपिज्म, नेपोटिज्म और कलाकारों को मिलने वाले अवसरों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।













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