डेस्क : आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी चुनाव से पहले किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा नहीं करने की तैयारी में है। BJP प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के कामकाज को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है।
देश के कई राज्यों में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों के चुनाव शामिल हैं। चुनावी तैयारियों के बीच BJP संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और बूथ स्तर पर रणनीति बनाने में जुटी हुई है।
पार्टी की योजना के अनुसार, चुनाव अभियान में स्थानीय मुद्दों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रमुखता दी जाएगी। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद विधायकों और केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से किया जा सकता है।
BJP इससे पहले भी कई राज्यों में बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ चुकी है। पार्टी का मानना है कि इससे संगठन के सभी नेताओं को साथ लेकर चलने में मदद मिलती है और चुनाव अभियान एक चेहरे तक सीमित नहीं रहता।
वहीं, विपक्षी दल BJP की इस रणनीति पर सवाल उठा सकते हैं और इसे मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पार्टी की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से जोड़ सकते हैं। हालांकि, BJP का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनता का भरोसा ही चुनाव में सबसे बड़ा आधार होगा।
आगामी विधानसभा चुनावों में BJP की यह रणनीति कितना असर दिखाती है, यह चुनावी नतीजों के बाद ही स्पष्ट होगा।













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