डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। कच्चे तेल का भाव 86 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, देश में बुधवार 15 जुलाई को पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
तेल कंपनियों ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा है। प्रमुख शहरों में ईंधन पुराने दामों पर ही उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर सभी की नजर बनी हुई है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू ईंधन बाजार और महंगाई पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के पीछे वैश्विक परिस्थितियां, आपूर्ति को लेकर चिंता और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। यदि यह तेजी लंबे समय तक जारी रहती है तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल तेल कंपनियों ने आम लोगों को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई संशोधन नहीं किया है। वाहन चालकों के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत