नई दिल्ली: आरबीआइ के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कुछ राज्यों द्वारा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से शुरू करने के फैसले पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि कर्मचारियों की पेंशन को लेकर चिंता को समाप्त करने के लिए सरकार को कुछ कम खर्चीले तरीके तलाशने चाहिए।
पुरानी पेंशन योजना के तहत
राजन ने कहा कि भविष्य में खजाने पर पड़ने वाले बोझ को लेकर राज्य सरकारों को सोचना होगा। पुरानी पेंशन की बहाली करना ना तो तकनीकी और ना ही आर्थिक तौर पर व्यवहारिक है। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन मिलती है। एक कर्मचारी पेंशन के तौर पर अंतिम आहरित वेतन का 50 प्रतिशत राशि पाने का हकदार है।
कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत पेंशन फंड में करता है योगदान
वहीं नई पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत पेंशन फंड में योगदान करता है जबकि सरकार 14 प्रतिशत का योगदान करती है। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सरकारों ने पुरानी पेंशन बहाली का एलान करने के साथ ही इस बारे में केंद्र सरकार और पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को सूचित कर दिया है। पंजाब सरकार ने 18 नवंबर, 2022 को ओपीएस के क्रियान्वयन के संबंध में अधिसूचना जारी की है।













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