डेस्क : भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने जमैका दौरे के दौरान भारतीय प्रवासी समुदाय की ऐतिहासिक विरासत को सम्मानित करते हुए ‘ओल्ड हार्बर’ का दौरा किया। यह वही स्थान है, जहां लगभग 180 वर्ष पहले भारतीयों का पहला जत्था जमैका पहुंचा था।
इस अवसर पर जयशंकर ने उन शुरुआती भारतीय प्रवासियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी संस्कृति, परंपराओं और पहचान को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल इतिहास का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत और जमैका के बीच गहरे सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों का जीवंत साक्ष्य है।
विदेश मंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोगों ने न केवल जमैका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि दोनों देशों के संबंधों को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
जयशंकर ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि भारतीय प्रवासी आज विश्वभर में भारत की पहचान को सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रवासी भारतीयों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह दौरा भारत-जमैका संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देश सांस्कृतिक और कूटनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की ओर अग्रसर हैं।













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