मुंबई:शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। पार्टी ने दावा किया कि बीजेपी नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करती है, लेकिन भारत दौरे पर आए विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को साबरमती आश्रम ले जाया जाता है। सामना में कहा गय कि महात्मा गांधी वैश्विक मंच पर भारत की पहचान बने हुए हैं।
संपादकीय में केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर भी निशाना साधा गया, जिसमें दावा किया गया कि भले ही गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है, फिर भी विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को साबरमती आश्रम ले जाया जाता है। सामना में कहा गया है, “यहां तक कि गुजरात में लौह पुरुष सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया गया है, लेकिन ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन और अन्य (विदेशी) मेहमानों को वहां नहीं ले जाया जाता क्योंकि गांधी वैश्विक मंच पर भारत की पहचान बने हुए हैं।”
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने फिर भारत में हिंसक माहौल देखा
शिवसेना के मुखपत्र ने हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में देखी गई सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दे पर भी भाजपा को आड़े हाथ लिया। संपादकीय में लिखा, “जॉनसन के भारत प्रवास के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव का माहौल था। देश की आजादी के दौरान धार्मिक नफरत और हिंसा का माहौल था। इतने सालों के बाद भी ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने भारत में वैसा ही माहौल देखा। जॉनसन ने भारत को उसी हालत में देखा, जिसमें अंग्रेजों ने देश छोड़ दिया था।”
जॉनसन ने पीएम मोदी को अपना खास दोस्त बताया
यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 21-22 अप्रैल को दो दिवसीय भारत यात्रा पर थे। उन्होंने गुजरात में साबरमती आश्रम और अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। उन्होंने बिजनेसमैन गौतम अडानी से भी मुलाकात की। जॉनसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना खास दोस्त बताते हुए कहा कि उन्होंने वार्ताकारों से इस साल दिवाली तक मुक्त व्यापार समझौते पर समझौता करने को कहा है।













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