नई दिल्ली:आगामी 11 जुलाई को जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। इसके तहत काउंसिल, कैंसर के इलाज में उपयोगी व्यक्तिगत रूप से आयातित दवा डिनुटूक्सिमैब को टैक्स से छूट दे सकती है। वहीं, मल्टीप्लैक्स में परोसे जाने वाले भोजन या पेय पदार्थों पर जीएसटी कम करने के बारे में निर्णय ले सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली काउंसिल निजी कंपनियों की तरफ से दिए जाने वाली उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं को लेकर जीएसटी छूट पर भी निर्णय कर सकती है। इसके अलावा, 22 प्रतिशत उपकर लगाने के लिये उपयोगी वाहनों की परिभाषा भी स्पष्ट की जा सकती है।
इन मुद्दों पर भी फैसला संभव: सूत्रों के मुताबिक व्यक्तिगत उपयोग और उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा दुर्लभ बीमारियों के उपचार में उपयोग की जाने वाली दवाओं के अलावा विशेष चिकित्सा उद्देश्य के लिए भोजन (एफएसएमपी) के आयात को जीएसटी से छूट दिए जाने की संभावना है। वर्तमान में, ऐसे आयात पर पांच प्रतिशत या 12 प्रतिशत का जीएसटी लगता है।
जीएसटी काउंसिल ऑनलाइन गेमिंग पर मंत्री समूह की रिपोर्ट पर भी विचार करेगी। इसके साथ ही अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देगी और बजटीय समर्थन की योजना के तहत 11 पहाड़ी राज्यों में पूर्ण रूप से केंद्रीय जीएसटी और 50 प्रतिशत जीएसटी की भरपाई करने के लिये उद्योग की मांग पर भी विचार करेगी।
गाड़ियों पर भी फैसला संभव: सूत्रों ने कहा कि फिटमेंट समिति ने 28 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के अलावा 22 प्रतिशत क्षतिपूर्ति उपकर लगाने के मामले में एमयूवी या क्रॉसओवर यूटिलिटी वाहन (एक्सयूवी) को स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन (एसयूवी) की तरह परिभाषित करने की सिफारिश की है। समिति ने सिफारिश की है कि चाहे वे किसी भी नाम से पुकारे जाएं, सभी उपयोगी वाहनों पर 22 प्रतिशत उपकर लगेगा। लेकिन इसके लिये शर्त है कि वे तीन मापदंड- लंबाई चार मीटर से अधिक, इंजन क्षमता 1,500 सीसी से ज्यादा और ग्राउंड क्लीयरेंस में 170 मिमी (मिलीमीटर) से अधिक, को पूरा करते हों।













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