मुंबई:महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सोमवार को वरिष्ठ नेता शरद पवार से मुलाकात करने पहुंच गए। अचानक हुई इस मीटिंग ने राज्य का सियासी पारा बढ़ा दिया था। खबरें हैं कि इस दौरान दूध और चीनी मिल जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। खास बात है कि दोनों नेताओं के बीच मीटिंग ऐसे समय पर हुई है, जब एक दिन पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पवार को भ्रष्टाचार का ‘सरगना’ करार दे दिया था।
शिवसेना प्रमुख शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) चीफ पवार के बीच मुलाकात को लेकर एक अधिकारी ने कहा कि यह बैठक मालाबार हिल इलाके में राज्य सरकार के गेस्ट हाउस सह्याद्री में हुई और इस दौरान सिंचाई, दूध की कीमतों और चीनी मिलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
शाह ने उद्धव ठाकरे पर भी कसा था तंज
शाह ने रविवार को विपक्षी नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार पर तीखा हमला किया और उन्हें देश में भ्रष्टाचार का ‘सरगना’ करार दिया। पुणे में भाजपा के राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद अहंकार प्रदर्शित करने का आरोप लगाया। उन्होंने शिवसेना (UBT) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को ‘औरंगजेब फैन क्लब’ का प्रमुख करार दिया और कहा कि वह 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए क्षमादान मांगने वाले लोगों के साथ बैठे हैं।
शाह ने कहा, ‘महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव में हमारी जीत के बाद राहुल गांधी का अहंकार चूर-चूर हो जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार का कोई सबसे बड़ा सरगना है, तो शरद पवार हैं। मेरे दिमाग में इस बारे में कोई संशय नहीं है। मैं खुलकर कह रहा हूं कि पवार ने देश में भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाया।’
शाह ने पवार पर सत्ता में रहते हुए देश तथा महाराष्ट्र के कल्याण के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा जब महाराष्ट्र में सत्ता में थी, तो उसने मराठाओं को आरक्षण दिया, लेकिन जब शरद पवार की सरकार सत्ता में आई तो मराठा आरक्षण गायब हो गया। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण बना रहे, इसके लिए महायुति सरकार को सत्ता में आना चाहिए।
हाल में लोकसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद यह शाह की पहली महाराष्ट्र यात्रा है। महाराष्ट्र में भाजपा ने 2019 में लोकसभा की 23 सीट जीती थी, जो 2024 के चुनाव में घटकर नौ रह गई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे उन लोगों के साथ बैठे हैं, जिन्होंने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए क्षमादान मांगा था।’
उन्होंने कहा, ‘औरंगजेब फैन क्लब क्या है? जो (26/11 आतंकी हमले के दोषी) कसाब को बिरयानी खिलाते हैं, जो याकूब मेमन के लिए क्षमादान मांगते हैं, जो (विवादित इस्लामी उपदेशक) जाकिर नाइक को शांति दूत पुरस्कार देते हैं और जो (प्रतिबंधित इस्लामी संगठन) पीएफआई का समर्थन करते हैं। उद्धव ठाकरे को इन लोगों के साथ बैठने में शर्म आनी चाहिए।’













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