नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके नेता राम माधव के एक बयान को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को दावा किया कि आरएसएस “राष्ट्रीय सरेंडर संघ” है और संगठन के भीतर की सोच को उसके ही नेताओं ने उजागर कर दिया है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब आरएसएस के नेता राम माधव ने अमेरिका के हडसन इंस्टीट्यूट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत की विदेश नीति और व्यापारिक निर्णयों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद किया, रूस से तेल खरीद को लेकर भी दबाव में निर्णय लिए और अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों में कुछ मामलों में बड़े टैरिफ पर सहमति दी। हालांकि बाद में राम माधव ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनके द्वारा कुछ तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था और इसके लिए उन्होंने खेद भी व्यक्त किया।
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय सरेंडर संघ। नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद, अमेरिका में शुद्ध गुलामी।” उन्होंने आरोप लगाया कि राम माधव के बयान ने स्वयं आरएसएस की कार्यशैली और विचारधारा को उजागर कर दिया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आरएसएस अपने कथित राष्ट्रवाद के बावजूद विदेशों में स्वीकार्यता हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करता रहता है। रमेश ने आरोप लगाया कि संगठन के शीर्ष विचारक हाल ही में अमेरिका में एक पीआर अभियान में शामिल थे, जो असफल साबित हुआ।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आरएसएस की सोच भारत की विविधता आधारित एकता की मूल अवधारणा के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने संगठन की विचारधारा की तुलना विदेशी अतिवादी संगठनों से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है और आरएसएस तथा कांग्रेस के बीच वैचारिक टकराव खुलकर सामने आ गया है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
