वॉशिंगटन: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिकी प्रशासन ने रूसी तेल से जुड़े प्रतिबंधों में दी गई छूट को आगे बढ़ा दिया है। इस फैसले से भारत समेत कई देशों को सीमित अवधि तक रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखने की अनुमति मिलेगी।
यह निर्णय भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में भारत रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है। इस छूट के बढ़ने से भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति बनाए रखने और घरेलू ईंधन बाजार में अचानक दबाव से बचने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छूट रूसी तेल के लेनदेन और शिपमेंट से जुड़े मामलों पर लागू रहेगी और फिलहाल इसे एक महीने के लिए बढ़ाया गया है। इससे पहले संकेत मिले थे कि अमेरिका इस छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में बढ़ती तेल कीमतों और आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण अमेरिका ने यह व्यावहारिक फैसला लिया है।
भारत के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। सस्ती दरों पर रूसी तेल मिलने से भारत को महंगाई नियंत्रित रखने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिली है।
अमेरिका के इस ताजा कदम को वैश्विक ऊर्जा बाजार की वास्तविकताओं और कूटनीतिक संतुलन के बीच लिया गया व्यावहारिक निर्णय माना जा रहा है।













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