डेस्क:अमेरिका–वेनेज़ुएला तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पुष्टि की कि उन्होंने हाल ही में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से बात की है। दूसरी ओर कराकस ने अमेरिका पर कथित सैन्य हमले की तैयारी का आरोप लगाया है।
अमेरिका कैरेबियन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती, मादुरो के नेतृत्व में चलने वाले कथित ड्रग कार्टेल को आतंकी संगठन घोषित करने और वेनेज़ुएला के लिए “हवाई क्षेत्र बंद” होने की चेतावनी जैसी कार्रवाइयों के चलते दबाव बढ़ा रहा है। वाशिंगटन का कहना है कि सितंबर में शुरू की गई यह सैन्य तैनाती ड्रग तस्करी रोकने के लिए है, जबकि कराकस का दावा है कि इसका उद्देश्य शासन परिवर्तन है।
एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने बताया, “मैं नहीं कहूंगा कि बातचीत अच्छी रही या बुरी। वह बस एक फोन कॉल थी।”
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों के बीच संभावित मुलाकात और मादुरो के पद छोड़ने पर अमन्युटी (माफी) के सवाल पर भी चर्चा हुई।
सीएनएन के कार्यक्रम स्टेट ऑफ द यूनियन में रिपब्लिकन सीनेटर मार्कवेन मुलिन ने कहा कि अमेरिका ने मादुरो को रूस या किसी अन्य देश में जाने का विकल्प दिया है।
अमेरिका का आरोप है कि मादुरो “कार्टेल ऑफ द सन्स” नामक ड्रग नेटवर्क का नेतृत्व करते हैं और उनकी गिरफ्तारी पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम रखा गया है। वेनेज़ुएला और उसके समर्थक देशों का कहना है कि ऐसा कोई संगठन अस्तित्व में ही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह शब्द वरिष्ठ अधिकारियों में फैले भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
अमेरिका पिछले साल के चुनाव में मादुरो की जीत को भी वैध नहीं मानता। हालाँकि ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की सार्वजनिक धमकी नहीं दी है, लेकिन उन्होंने हाल में कहा कि “भूमि मार्ग से” ड्रग तस्करी रोकने के प्रयास “बहुत जल्द” शुरू होंगे।
OPEC से मदद की मांग
वेनेज़ुएला ने ओपेक (OPEC) से अमेरिकी “आक्रामकता” रोकने में मदद की अपील की है। वर्चुअल बैठक में उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री डेल्सी रोड्रिगेज़ ने मादुरो का पत्र पढ़ते हुए कहा कि वाशिंगटन वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है।
सितंबर के बाद से अमेरिकी वायु सेना ने कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत में कथित ड्रग तस्करी नौकाओं पर हमले किए हैं, जिनमें कम से कम 83 लोग मारे गए।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि एक हमले के बाद अमेरिकी सेना ने बचे हुए लोगों पर दूसरा हमला कर दिया। वॉशिंगटन पोस्ट और सीएनएन ने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने “सबको मार दो” जैसी निर्देशात्मक टिप्पणी की थी, हालांकि ट्रंप ने कहा कि हेगसेथ ने इस आदेश से इनकार किया है।
ट्रंप ने कहा, “हम इसकी जांच करेंगे, लेकिन मैं ऐसा नहीं चाहता था—दूसरा हमला सही नहीं था। पीट ने कहा कि उन्होंने ऐसा आदेश नहीं दिया।”
‘न्यायेतर हत्याएँ’
वेनेज़ुएला की नेशनल असेंबली के प्रमुख जोर्ज रोड्रिगेज़ ने उन परिवारों से मुलाकात की जिनके रिश्तेदार इन हमलों में मारे गए।
उन्होंने संभावित ट्रंप–मादुरो कॉल पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन हेगसेथ वाले प्रश्न पर कहा, “यदि युद्ध घोषित होता और ऐसे हमले होते, तो यह युद्ध अपराध होता। चूँकि युद्ध घोषित नहीं है, इसे हत्या या न्यायेतर हत्या ही कहा जाएगा।”
इस बीच अमेरिकी सैन्य तैनाती लगातार बढ़ रही है। दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत कैरेबियन के जलक्षेत्र में पहुँच चुका है और अमेरिकी लड़ाकू विमान वेनेज़ुएला के तट के पास उड़ान भर रहे हैं।
हालाँकि छह एयरलाइनों ने वेनेज़ुएला के लिए सेवाएँ रद्द कर दी हैं, फिर भी रविवार को कराकस का हवाईअड्डा सामान्य रूप से संचालित होता रहा।













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