डेस्क: तमिलनाडु की सियासत में बड़ी खबर है। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अनामलाई ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पिता की गंभीर तबीयत का हवाला देते हुए छह विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव प्रभारी के पद से भी छुट्टी ली है। अनामलाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपनी स्थिति के बारे में पार्टी नेतृत्व को सूचित कर दिया है।
अनामलाई ने कहा, “मैंने तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध किया है कि फिलहाल मैं अपने पिता के साथ रहना चाहता हूँ। मेरे पिता डायलिसिस पर हैं और उनकी देखभाल मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस समय मैं यात्रा करने की स्थिति में नहीं हूँ। मुझे उम्मीद है कि पार्टी मेरी परिस्थिति को समझेगी और इन छह विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी किसी अन्य नेता को सौंप देगी।”
अनामलाई को सिंगानल्लूर, विरुगमबाक्कम (चेन्नई), करैक्कुडी, श्रीवैकुंटम, मदुरै (दक्षिण) और पद्मनाभपुरम (कन्याकुमारी) विधानसभा क्षेत्रों का चुनाव प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात उन्हें चुनावी कामों के लिए यात्रा करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा, “मैंने पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति बता दी है और वे इसे समझ चुके हैं। पार्टी जो भी जिम्मेदारी मुझे सौंपेगी, मैं उसे पूरा करने के लिए तैयार हूँ। मैं अपने दल और गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए काम करने को उत्सुक हूँ। पार्टी मेरी जगह किसी अन्य नेता को नियुक्त कर सकती है। चुनाव लड़ने के सवाल पर मैंने कहा कि पार्टी जो भी तय करेगी, मैं उसका पालन करूंगा।”
अनामलाई के इस्तीफे के बाद सियासत भी गर्म हो गई है। किल्लियूर के कांग्रेस विधायक राजेश कुमार ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा, “उन्हें चुनावी बुखार चढ़ गया है और इसी कारण उन्होंने इस्तीफा दिया। कन्याकुमारी में किसी भी कीमत पर कमल नहीं खिलेगा। मुझे लगता है कि चुनावी डर और हार के डर के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।”













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