फर्रुखाबाद:अवैध शराब के कारोबारियों की धरपकड़ को गई मेरापुर थाना पुलिस ने ब्रम्हपुरी गांव में जमकर उत्पात मचाया। चार घरों में तोड़फोड़ की, एक ग्रामीण को खींचकर बुरी तरह पीटा और मौत हो जाने पर खेतों में छोड़ कर चली गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने देर तक हंगामा किया। 13 घंटे तक शव नहीं उठने दिया। पुलिस ने परिजनों से छीनकर शव पोस्टमार्टम को भेजा। दो दरोगा समेत दस पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अवैध शराब के कारोबारी पकड़ने गई थी पुलिस : शुक्रवार की रात मेरापुर थाने की पुलिस अवैध शराब के कारोबारियों को पकड़ने ब्रम्हपुरी गांव में पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने नन्हीं, संतोष, सत्यवीर और मीना के घरों में तोड़ फोड़ की। गौतम उर्फ सेना के घर में घुसकर उसे पकड़ लिया और बेरहमी से पीटने लगे। मां लौंगश्री और भाई बॉबी ने बताया कि बचाने की कोशिश की तो पुलिस गौतम को गांव के बाहर खींच ले गई। खेतों में भी गौतम पर लाठियां बरसाई गईं। जब तक परिजनों ने उसके पास जाकर देखा तब तक गौतम की मौत हो चुकी थी।
रात भर परिजनों को समझाती रही पुलिस
रात भर पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास करती रही। आक्रोश को देखते हुए पांच थानों का फोर्स बुला लिया गया। गांव छावनी बन गया। ग्रामीण पुलिस पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने, परिजनों की आर्थिक मदद की मांग पर अड़ गये। एएसपी अजय प्रताप पहुंचे और परिजनों को समझाया। गौतम की पत्नी मंजू की तहरीर पर अचरा चौकी इंचार्ज विश्वनाथ आर्य, दरोगा जगदीश वर्मा, सिपाही निखिल, सचिन व छह अज्ञात पुलिस कर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। उधर पुलिस बमुश्किल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। डॉक्टरों के पैनल ने पीएम किया, जिसमें मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। शरीर पर खरोंच के निशान मिले हैं।













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