डेस्क : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर तनाव पैदा हो गया। स्थानीय लोग मंगलवार को बीडीओ कार्यालय के बाहर जमा हुए और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) प्रक्रिया के तहत नाम हटाए जाने का विरोध किया।
स्थानीय लोगों ने सात अधिकारियों को करीब 8 घंटे तक घेर कर रखा, जिनमें तीन महिलाएं भी थीं। अधिकारियों को बाहर निकालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बांस और टायर रखकर NH‑12 को पूरी तरह जाम कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम बिना कारण हटाए गए। लोगों का आरोप है कि उन्हें उचित सूचना नहीं दी गई और उनका वोट देने का अधिकार खतरे में है।
SIR प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल में 60 लाख से अधिक मतदाता सूची की समीक्षा की जा रही है। अब तक लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा किया जा चुका है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि में, राज्य सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगा रहे हैं। विधानसभा चुनाव इस बार 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं।
स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच तनाव के बीच, मालदा में मतदाता सुरक्षा और सही नामांकन सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ रही है।













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