डेस्क : चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने शनिवार को घोषणा की कि एयर चाइना बीजिंग और दिल्ली के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने जा रही हैं। यू जिंग ने कहा कि यह कदम केवल यात्रा के लिए नहीं, बल्कि व्यापार, पर्यटन, विश्वास और एससीओ एवं ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
इस बहाली से दोनों देशों के नागरिकों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे समय और खर्च की बचत होगी। लोग बिना किसी ट्रांजिट के आसानी से दिल्ली और बीजिंग के बीच यात्रा कर सकेंगे। यू जिंग ने इसे कोविड-19 के बाद संबंधों की सामान्य स्थिति लौटने का संकेत बताया।
साल 2020 में कोविड महामारी और सीमा तनाव के कारण भारत–चीन के बीच सभी सीधी उड़ानें बंद कर दी गई थीं। लगभग 6 साल बाद अक्टूबर 2025 में उड़ानों की बहाली शुरू हुई। इंडिगो ने कोलकाता–ग्वांगझोउ रूट शुरू किया, चीन ईस्टर्न एयरलाइंस ने शंघाई–दिल्ली उड़ानें चलाईं और एयर इंडिया ने फरवरी 2026 से दिल्ली–शंघाई रूट शुरू किया। अब एयर चाइना की बीजिंग–दिल्ली उड़ानें इस बहाली को और मजबूत करेंगी।
पहले एयर चाइना दिल्ली और मुंबई तक उड़ानें भरती थी, लेकिन महामारी और सीमा तनाव के कारण ये रूट बंद हो गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दोनों देशों की कूटनीति में सकारात्मक बदलाव और बढ़ते भरोसे का संकेत है।
लाभ और प्रभाव
इस सीधी उड़ान से व्यापार और पर्यटन को मजबूती मिलेगी। व्यापारी और निवेशक आसानी से यात्रा कर सकेंगे, जबकि पर्यटक बिना ट्रांजिट के बीजिंग और दिल्ली की सांस्कृतिक धरोहरों का आनंद ले पाएंगे। इससे लोगों के बीच आपसी समझ और विश्वास भी बढ़ेगा। आर्थिक दृष्टि से पर्यटन और व्यापार से रोजगार और राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, एससीओ और ब्रिक्स जैसे मंचों पर सहयोग और मजबूत होगा, जो क्षेत्रीय विकास और स्थिरता के लिए जरूरी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत–चीन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और उड़ानों का विस्तार दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, सीमा विवाद पर बातचीत जारी रखना आवश्यक है। यह बहाली न केवल वर्तमान में सहयोग बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में मजबूत साझेदारी की नींव भी रखेगी।













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