नई दिल्ली:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तीन जन सुरक्षा योजनाओं- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने बीमा और पेंशन सुविधा को आम आदमी की पहुंच में लाने का काम किया है। सोमवार को सीतारमण ने इन तीनों सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सातवीं वर्षगांठ के मौके पर कहा कि बीते सात वर्षों में इन योजनाओं के तहत नामांकित एवं लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या इनकी सफलता का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ मई, 2015 को इन तीनों योजनाओं की शुरुआत की थी। वित्त मंत्री ने कहा,जीवन ज्योति बीमा योजना शुरू होने के बाद से अब तक 12.76 करोड़ लोगों ने बीमा कवर के लिए नामांकन कराया है। इस दौरान 5,76,121 लोगों के परिवारों को दावे के रूप में 11,522 करोड़ रुपये मिले हैं। यह योजना कम आय वाले परिवारों के लिए महामारी के दौरान बेहद उपयोगी साबित हुई। वित्त वर्ष 2020-21 में भुगतान किए गए लगभग 50 प्रतिशत दावे कोविड-19 महामारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों ने किए थे।
उन्होंने कहा कि महामारी की शुरुआत के बाद एक अप्रैल, 2020 से लेकर 23 फरवरी, 2022 तक कुल 2.10 लाख दावों का भुगतान 4,194.28 करोड़ रुपये के 99.72 प्रतिशत की निपटान दर के साथ किया गया। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत भी 28.37 करोड़ लोगों ने दुर्घटना कवर के लिए नामांकन किया है। इस दौरान 97,227 दावों के मद में 1,930 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) दो लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करती है जबकि पीएमएसबीवाई के तहत मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में दो लाख रुपये और अस्थायी विकलांगता की स्थिति में एक लाख रुपये मिलते हैं। वित्त मंत्री ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक चार करोड़ से अधिक लोग इस पेंशन योजना के तहत पंजीकरण करा चुके हैं। इस अवसर पर वित्त राज्यमंत्री भागवत के कराड ने बैंकों और बीमा कंपनियों से अंतिम व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा कवर दिए जाने तक इसी उत्साह और समर्पण के साथ काम जारी रखने को कहा।
सरकार ने निजी क्षेत्र को विनिर्माण के नए अवसर प्रदान किए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने निजी क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को कई ऐसे क्षेत्रों में विनिर्माण की इजाजत दी गई है, जो पहले सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) के लिए थे।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में सीमित विनिर्माण अवसर थे और नियंत्रण बहुत अधिक थे। ऐसे में विनिर्माण को बढ़ावा देने की निजी क्षेत्र की क्षमता के बावजूद उनकी आकांक्षाओं को रोक दिया गया। सीतारमण ने स्टार्टअप अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा किए गए नीतिगत बदलाव ने निजी क्षेत्र को विशेष अवसर दिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान खासतौर से एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा दिया गया। आज कुछ रणनीतिक क्षेत्रों को छोड़कर रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में निजी क्षेत्र सार्वजनिक उपक्रमों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।













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