स्पोर्ट्स डेस्क:भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली और रोहित शर्मा अब टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ में दोनों खिलाड़ियों ने लंबे अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की थी। इस दौरान रोहित शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी बने, जबकि विराट कोहली का बल्ला शुरुआती दो मुकाबलों में खामोश रहा, हालांकि अंतिम मैच में उन्होंने फॉर्म में वापसी करते हुए अच्छी पारी खेली।
अब जबकि दोनों खिलाड़ी केवल वनडे प्रारूप में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उनके सामने मैच-फिटनेस बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। इसी संदर्भ में बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोहली और रोहित भविष्य में वनडे टीम का हिस्सा बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में नियमित रूप से खेलना अनिवार्य होगा।
भारत आगामी महीनों में दक्षिण अफ्रीका (3 से 9 दिसंबर) और फिर न्यूजीलैंड (11 जनवरी से) के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज़ खेलेगा। इन सीरीज़ से पहले घरेलू सर्किट में विजय हजारे ट्रॉफी ही एकमात्र ऐसा टूर्नामेंट है जिसमें दोनों वरिष्ठ खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं।
बीसीसीआई के सूत्रों के मुताबिक यह फैसला बोर्ड की वर्कलोड मैनेजमेंट नीति में किए गए बदलाव का हिस्सा है। पहले सीनियर खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी या विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंटों से अक्सर छूट दी जाती थी, लेकिन अब यह छूट खत्म कर दी गई है।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को सूचित किया है कि वे विजय हजारे ट्रॉफी के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं, विराट कोहली की भागीदारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, “टीम प्रबंधन और बोर्ड ने दोनों खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि अगर वे भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना होगा। चूंकि अब वे केवल एक प्रारूप खेल रहे हैं, इसलिए मैच-फिट रहने के लिए घरेलू क्रिकेट जरूरी है।”













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