डेस्क :आम बजट से पहले भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संकेत सकारात्मक नजर आ रहे हैं। वर्ल्ड बैंक ने भारत के लिए वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाते हुए इसे 6.5 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले अक्टूबर में यह अनुमान 6.3 प्रतिशत रखा गया था। वर्ल्ड बैंक के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग और निर्यात में बेहतर प्रदर्शन के चलते ग्रोथ आउटलुक में यह सुधार किया गया है। हालांकि, जून में जारी अनुमान की तुलना में FY27 के लिए ग्रोथ का आंकड़ा 6.5 प्रतिशत पर ही स्थिर बना हुआ है।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में क्या कहा गया
वर्ल्ड बैंक की ताजा ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका द्वारा कुछ निर्यात उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ का असर भारत की विकास दर पर सीमित रहेगा। घरेलू मांग में मजबूती और अपेक्षा से अधिक लचीले निर्यात के कारण इन चुनौतियों की भरपाई हो जाएगी।
फिच ग्रुप की कंपनी BMI का अनुमान
इसी बीच, फिच ग्रुप की कंपनी बीएमआई ने भी भारत के आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर उत्साहजनक अनुमान जताए हैं। बीएमआई के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.4 प्रतिशत रह सकती है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में यह सात प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।
बीएमआई ने कहा कि 2025-26 के लिए मजबूत अग्रिम जीडीपी अनुमान, हाल के महीनों में अमेरिका को निर्यात में तेजी और अनुकूल नीतिगत माहौल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।
बीएमआई ने 2025-26 के लिए अपने जीडीपी अनुमान को 7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, 2026-27 के लिए ग्रोथ अनुमान को 6.6 प्रतिशत से संशोधित कर सात प्रतिशत किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में आर्थिक वृद्धि दर सालाना आधार पर नौ प्रतिशत से अधिक रह सकती है।













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