डेस्क : भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, स्वयं को एक “सभ्यतागत शक्ति” के रूप में देख रहा है जिसकी वैश्विक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बात भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत केनेथ जस्टर ने कही है।
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में जस्टर ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत की रणनीतिक सोच में उल्लेखनीय बदलाव आया है, जिसमें उसकी प्राचीन सभ्यतागत पहचान और बढ़ते वैश्विक प्रभाव—दोनों का समावेश दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि भारत को अब केवल एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि यह एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है, जिसकी भूमिका रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है।
जस्टर के अनुसार, यह बदलता दृष्टिकोण भारत की अधिक आत्मविश्वासी और सक्रिय विदेश नीति के साथ जुड़ा हुआ है, जो उसके बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव को भी दर्शाता है।
उन्होंने भारत–अमेरिका संबंधों के निरंतर सुदृढ़ होने की भी बात कही और कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग समय के साथ गहराता गया है। उनके अनुसार, विभिन्न प्रशासनिक कालखंडों में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में योगदान दिया है।
पूर्व राजदूत ने यह भी कहा कि भारत की वैश्विक भूमिका उसके सभ्यतागत मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने की आकांक्षा के बीच संतुलन को दर्शाती है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत वैश्विक कूटनीति में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है तथा विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारियाँ बढ़ा रहा है।













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