मॉस्को: रूस के केंद्रीय बैंक द्वारा लगभग 22,000 किलोग्राम (21.8 टन) सोना बेचने की जानकारी सामने आई है। यह कदम देश के बढ़ते बजट घाटे और आर्थिक दबाव के बीच उठाया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 में रूस का बजट घाटा बढ़कर लगभग 61.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस वित्तीय दबाव को कम करने और सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए रूस ने अपने स्वर्ण भंडार का एक बड़ा हिस्सा बाजार में उतार दिया है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंध, बढ़ता रक्षा खर्च और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ रूस की वित्तीय स्थिति पर असर डाल रही हैं। इसी कारण सरकार को अपने सोने के भंडार का उपयोग करना पड़ रहा है।
जानकारों के अनुसार, प्रतिबंधों के चलते रूस के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग सीमित हो गया है, जिससे सोना एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन बन गया है।
हालांकि इस बिक्री के बावजूद रूस के पास अब भी दुनिया के प्रमुख स्वर्ण भंडारों में से एक मौजूद है, लेकिन लगातार हो रही निकासी उसकी आर्थिक चुनौतियों की ओर संकेत कर रही है।













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