डेस्क : देश में राजमार्ग यात्रा को और अधिक तेज, सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गुजरात में देश का पहला स्टॉप-फ्री टोल सिस्टम शुरू कर दिया है। यह नई व्यवस्था एनएच-48 के सूरत–भरूच खंड स्थित चोरियासी टोल प्लाजा पर लागू की गई है।
इस प्रणाली के लागू होने के बाद अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। वाहन बिना गति कम किए सीधे टोल क्षेत्र से गुजर सकेंगे और टोल शुल्क स्वतः डिजिटल तकनीक के माध्यम से कट जाएगा।
एनएचएआई के अनुसार इस प्रणाली में अत्याधुनिक तकनीक जैसे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरा और फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह व्यवस्था का उपयोग किया गया है। वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग खाते को स्वचालित रूप से स्कैन कर टोल शुल्क काट लिया जाएगा।
इस व्यवस्था के शुरू होने के पहले ही दिन करीब 41,500 वाहनों ने इस स्टॉप-फ्री प्रणाली का उपयोग किया, जिससे इसकी प्रभावशीलता और उपयोगिता का संकेत मिलता है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से हाईवे पर लगने वाले जाम में भारी कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा और ईंधन की खपत कम होने से पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। साथ ही टोल संचालन अधिक पारदर्शी और कुशल होगा।
एनएचएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में फास्टैग सक्रिय नहीं है, उनकी पहचान नंबर प्लेट के माध्यम से की जाएगी और उन्हें ई-नोटिस जारी कर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
यह नई व्यवस्था भारत के टोल सिस्टम को डिजिटल और बाधारहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसे भविष्य में देश के अन्य राजमार्गों पर भी लागू किया जा सकता है।













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