डेस्क : बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने अपने निजी सहायक (पीए) मोतीलाल पर कथित ‘गद्दारी’ के आरोपों के बीच बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी की पूरी समिति को भंग कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, तेजप्रताप यादव ने हाल ही में पार्टी और अपने करीबी सहयोगियों के भीतर विश्वासघात और आंतरिक असहमति के संकेत मिलने के बाद यह फैसला लिया। इस घटनाक्रम ने जेजेडी के संगठनात्मक ढांचे को अचानक बदल दिया है और पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है।
तेजप्रताप यादव ने कहा कि संगठन में अनुशासन और विश्वास सर्वोपरि है, और किसी भी तरह की अनियमितता या विश्वासघात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के चलते उन्होंने तत्काल प्रभाव से पूरी समिति को भंग करने का निर्णय लिया।
बताया जा रहा है कि मोतीलाल पर लगाए गए आरोपों के बाद पार्टी के भीतर पहले से चल रही असंतोष की स्थिति और बढ़ गई थी। इसी तनाव के बीच नेतृत्व स्तर पर यह सख्त कदम उठाया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला तेजप्रताप यादव के लिए संगठन को फिर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इससे पार्टी के भीतर अस्थिरता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।
वहीं, इस घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इसे जेजेडी की आंतरिक कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है।













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