अपना घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है। लोग वर्षों की बचत, ऋण और मेहनत की कमाई लगाकर घर खरीदते हैं, लेकिन कई बार कब्जा मिलने के कुछ समय बाद ही घर की वास्तविक स्थिति सामने आने लगती है। कहीं छत से पानी टपकने लगता है, कहीं दीवारों से प्लास्टर झड़ने लगता है, तो कहीं सीलन और दरारें परेशानी बढ़ा देती हैं। ऐसे में घर खरीदारों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न उठता है कि अब क्या किया जाए और शिकायत कहां की जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि घर में निर्माण गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आती हैं तो खरीदारों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। कानून के तहत उन्हें कई अधिकार प्राप्त हैं, जिनका उपयोग कर वे बिल्डर से मरम्मत, सुधार और आवश्यक होने पर मुआवजा भी मांग सकते हैं।
पांच वर्ष तक बिल्डर की जिम्मेदारी
रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लागू रियल एस्टेट विनियमन एवं विकास अधिनियम (आरईआरए) के तहत बिल्डर पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है। यदि कब्जा मिलने के पांच वर्षों के भीतर भवन में कोई संरचनात्मक दोष, निर्माण में कमी, रिसाव, दीवारों का उखड़ना या अन्य गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आती है, तो उसे ठीक कराना बिल्डर की जिम्मेदारी होती है।
इस अवधि में खरीदार यदि शिकायत दर्ज कराता है, तो बिल्डर को निर्धारित समय में बिना अतिरिक्त शुल्क के समस्या का समाधान करना होता है।
किन समस्याओं पर कर सकते हैं शिकायत
घर खरीदार निम्न प्रकार की समस्याओं पर शिकायत कर सकते हैं—
- छत से पानी टपकना
- दीवारों से प्लास्टर झड़ना
- घर में सीलन या रिसाव
- बीम, कॉलम या छत में दरारें
- पाइपलाइन या ड्रेनेज व्यवस्था खराब होना
- निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का उपयोग
- बिजली या जल व्यवस्था में गंभीर खामियां
यदि ऐसी समस्याएं हैं, तो यह सामान्य टूट-फूट नहीं बल्कि निर्माण दोष की श्रेणी में आ सकती हैं।
सबसे पहले बिल्डर को दें लिखित सूचना
यदि घर में कोई दोष दिखाई देता है, तो सबसे पहले बिल्डर या डेवलपर को लिखित रूप में शिकायत दें। ईमेल, पत्र या ग्राहक सेवा पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें और उसकी प्रति सुरक्षित रखें। साथ ही समस्या की तस्वीरें, वीडियो और अन्य प्रमाण भी संजोकर रखें।
यह दस्तावेज आगे कानूनी प्रक्रिया में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
बिल्डर कार्रवाई न करे तो कहां जाएं
यदि बिल्डर शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं करता, लगातार टालता है या मरम्मत से इंकार कर देता है, तो खरीदार अपने राज्य की आरईआरए प्राधिकरण में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकांश राज्यों में यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है।
आरईआरए प्राधिकरण मामले की सुनवाई कर बिल्डर को मरम्मत, धनवापसी, मुआवजा या अन्य आवश्यक निर्देश दे सकता है।
कब्जा लेने से पहले बरतें सावधानी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर का कब्जा लेने से पहले कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अवश्य जांचें—
- ऑक्यूपेंसी प्रमाणपत्र
- पूर्णता प्रमाणपत्र
- परियोजना का आरईआरए पंजीकरण
- स्वीकृत नक्शा
- निर्माण गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेज
- वारंटी और रखरखाव शर्तें
इनकी जांच से भविष्य में होने वाली परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
घर खरीदार चुप न रहें
घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि परिवार के सपनों और जीवनभर की कमाई का प्रतीक होता है। यदि बिल्डर गुणवत्ता में लापरवाही करता है, तो खरीदारों को चुप रहने के बजाय अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए। समय पर शिकायत और सही कानूनी कदम से समस्या का समाधान संभव है।













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