डेस्क : राम मंदिर दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े विवाद ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को आहत किया है। उन्होंने दावा किया कि यदि उत्तर प्रदेश में सितंबर में विधानसभा चुनाव करा दिए जाएं तो भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दान राशि से जुड़े विवाद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और इसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक है।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर जनता का विश्वास कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और लोकतांत्रिक तरीके से उचित समय पर अपना फैसला सुनाएगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आ सके।
अखिलेश यादव ने अपने बयान के जरिए भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और यदि समय से पहले चुनाव कराए जाएं तो भाजपा सत्ता गंवा सकती है। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष की राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
उधर, राम मंदिर दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। जांच जारी रहने के बीच इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
