स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय कुश्ती की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में उन्हें अनुमति न दिए जाने के फैसले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि वह “भगवान की इस धरती पर पहुंच चुकी हैं” और उनका एकमात्र लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना है।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब गोंडा में राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, लेकिन महासंघ के निर्णय के चलते विनेश की भागीदारी पर रोक लगा दी गई है। महासंघ का कहना है कि कुछ प्रक्रियात्मक और अनुशासनात्मक कारणों के चलते यह निर्णय लिया गया है।
विनेश फोगाट ने अपने बयान में भावुक और दृढ़ रुख अपनाते हुए कहा कि वह हमेशा भारत के सम्मान के लिए मैट पर उतरी हैं और आगे भी देश के लिए पदक जीतने का उनका संकल्प अडिग है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह अपने अधिकारों और पात्रता को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी क्रम में यह ताजा विवाद सामने आया है, जिसने भारतीय कुश्ती जगत में नई बहस छेड़ दी है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एक शीर्ष स्तर की खिलाड़ी का इस प्रकार टूर्नामेंट से बाहर होना भारतीय कुश्ती के लिए चिंता का विषय है, जबकि समर्थकों का कहना है कि इस पूरे मामले का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
इस पूरे प्रकरण पर अब सभी की निगाहें महासंघ के अगले कदम और विनेश फोगाट की आगे की रणनीति पर टिकी हैं।
स्रोत: एएनआई न्यूज़ रिपोर्ट













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