नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 मई से विदेश यात्रा पर रवाना होंगे, जिसके तहत वे नॉर्वे का दौरा करेंगे। इस दौरान वे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा लगभग एक सप्ताह तक चलने की संभावना है, जिसमें वे यूरोप के अन्य देशों का भी दौरा कर सकते हैं। नॉर्वे में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में नॉर्डिक देशों—नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड—के शीर्ष नेता शामिल होंगे।
ग्रीन एनर्जी और जलवायु परिवर्तन पर फोकस
इस सम्मेलन में ग्रीन एनर्जी, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, डिजिटल नवाचार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
द्विपक्षीय वार्ताओं की संभावना
नॉर्वे यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
यूरोप यात्रा का विस्तार
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड, स्वीडन और इटली जैसे देशों की भी यात्रा कर सकते हैं। इटली में वे प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मुलाकात कर सकते हैं, जिसमें भारत-यूरोप आर्थिक गलियारे और निवेश अवसरों पर चर्चा संभव है।
रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यात्रा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक और रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यूरोप के साथ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और व्यापार संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।












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