डेस्क:दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से बुक करने के बावजूद एक बुजुर्ग महिला को व्हीलचेयर नहीं मिली। जिसके बाद उन्होंने एक रिश्तेदार की मदद से चलने की कोशिश की लेकिन वे नीचे गिर गईं और इस समय आईसीयू में भर्ती हैं। उनके दिमाग में खून बहने की संभावना है जिसकी वजह से उनकी निगरानी की जा रही है। महिला के परिवार ने बताया कि उन्होंने पहले से व्हीलचेयर सर्विस बुक की थी। बुजुर्ग एक सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल की विधवा हैं, उन्हें व्हीलचेयर के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कोई सहायता न मिलने पर, उन्होंने एक रिश्तेदार की मदद से चलने की कोशिश की, लेकिन एयरलाइन काउंटर के पास गिर गई।
बुजुर्ग महिला की पोती पारुल कंवर ने आरोप लगाया कि उनकी दादी को एयरपोर्ट पर कोई प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया। काफी देर बाद व्हीलचेयर मुहैया कराई गई जब उनके होंठ से खून बह रहा था और सिर में चोट लगी थी। इसके बावजूद उन्हें उपचार दिए बिना विमान में चढ़ा दिया गया। परिवार का कहना है कि वह दो दिनों से आईसीयू में हैं और उनके शरीर के बाएं हिस्से में कमजोरी के लक्षण दिख रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कंवर ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, ‘आपने मेरी दादी के साथ इतना बुरा व्यवहार किया और सम्मान नहीं दिया। आपको शर्म आनी चाहिए।’
पारुल ने घटना के बारे में बताया कि कैसे परिवार ने 4 मार्च को दिल्ली से बैंगलोर की फ्लाइट के लिए व्हीलचेयर को काफी पहले से बुक कर लिया था। हालांकि, एयरपोर्ट पहुंचने पर, एयर इंडिया के कर्मचारियों, एयरपोर्ट हेल्प डेस्क और यहां तक कि दूसरी एयरलाइन स्टाफ से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, कोई व्हीलचेयर आवंटित नहीं दी गई। उन्होंने लिखा, ‘कोई दूसरा विकल्प न होने पर, वृद्ध महिला परिवार के एक सदस्य की सहायता से धीरे-धीरे टी 3 नई दिल्ली की तीन पार्किंग लेन को पार करके पैदल चली गई। वह पैदल ही एयरपोर्ट में प्रवेश करने में सफल रही, फिर भी कोई व्हीलचेयर या सहायता नहीं की गई। आखिरकार, उनके पैरों ने जवाब दे दिया और वह एयर इंडिया के प्रीमियम इकोनॉमी काउंटर के सामने गिर गई। किसी भी व्यक्ति ने मदद के लिए कदम नहीं बढ़ाया।’
पोती ने यह भी आरोप लगाया कि गिरने के बाद भी बुजुर्ग महिला को कोई प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया और परिवार से खुद ही चिकित्सा मदद लेने की कोशिश की। घटना के बाद व्हीलचेयर आई और बाद में बुजुर्ग महिला को विमान में चढ़ाया गया। क्रू ने आइस पैक दिए और बैंगलोर में उतरने पर चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की, जहां उन्हें दो टांके लगे। उन्होंने लिखा, ‘आज, मैं यहां ICU से बैठकर यह लिख रही हूं। संभावित दिमाग में ब्लीडिंग के लिए उन्हें दो दिनों तक निगरानी में रखा गया है।’
परिवार ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और एयर इंडिया में शिकायत दर्ज कराई है और आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। पारुल की पोस्ट का जवाब देते हुए एयर इंडिया ने लिखा, ‘प्रिय सुश्री कंवर, हम इसे देखकर परेशान हैं और सुश्री पसरीचा के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हम इस मामले को लेकर कॉल पर कनेक्ट होना चाहते हैं और आपसे अनुरोध करते हैं कि आप अपना कॉन्टैक्ट नंबर और सुविधाजनक समय डीएम के जरिए शेयर करें।’













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