डेस्क :ईरान, जो वर्तमान में अमेरिका और इज़राइल के साथ तनावपूर्ण स्थिति में है, ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से लगभग 2 मिलियन डॉलर प्रति जहाज शुल्क वसूलने की घोषणा की है। यह जानकारी ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलद्दीन बोरुजेरदी ने दी।
बोरुजेरदी ने कहा, “प्राकृतिक रूप से, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाना चाहिए क्योंकि युद्ध के खर्चे बहुत होते हैं।” उन्होंने कहा कि इज़राइल के ऊर्जा अवसंरचना पर भी हमला किया जा सकता है और इसे “एक ही दिन में पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है।”
अमेरिका की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने दोहराया कि अमेरिका ईरान के साथ अपनी “रेड लाइन” पर अडिग है। उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर करीब‑करीब बंदरगाह जैसी स्थिति के बावजूद अमेरिका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को ईरान के अधीन नहीं होने देगा।
रणनीतिक महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर्शियन गल्फ और अरब सागर को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यह दुनिया के लगभग 20% तेल निर्यात का मार्ग है। इस मार्ग में किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति शृंखला पर सीधा असर डाल सकता है।













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