वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर तनाव बढ़ रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को परमाणु जांच की इजाजत नहीं देता है, तो वे तेहरान के साथ बातचीत रद्द कर देंगे। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चल रही बातचीत के दौरान तेहरान ने जांच की मंजूरी देने का भरोसा दिया है। इसके पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम की जांच के लिए सहमत हो गया है, जिसे तेहरान ने गलत बताया गया था।
ट्रंप ने कहा ईरान परमाणु जांच के लिए सहमत
पेंसिल्वेनिया में पत्रकारों ने जब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा जांच एजेंसी की जांचकर्ताओं की तैनाती को लेकर सवाल पूछा तो ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान सैद्धांतिक रूप से पहले ही सहमत हो चुका है। ट्रंप ने कहा, उन्होंने हमें अंदरूनी तौर पर बताया है और हमारे पास निरीक्षण के लिए 100 प्रतिशत पक्की बात है।
परमाणु जांच की समय सीमा पर बोले ट्रंप
जब उनसे निरीक्षण की समय सीमा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “सही समय पर। कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन वे सही समय पर वहां मौजूद होंगे।” ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और तेहरान की स्थिति काफी कमजोर हो गई है।
होर्मुज से एक दिन में निकला रिकॉर्ड तेल
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा की आवाजाही का भी जिक्र किया और बताया कि सोमवार को एक दिन में 1.9 करोड़ बैरल तेल निकला। उन्होंने कहा, आपने शायद कल सुना होगा, होर्मुज जलडमरूमध्य से 1.9 करोड़ बैरल तेल निकला, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमले के बाद ईरान रणनीतिक रूप से कमजोर स्थिति में है। उन्होंने कहा, “हमने ईरान को ऐसी स्थिति में ला दिया है, जिसमें उसे पहले कभी नहीं लाया गया था। दूसरे राष्ट्रपतियों को यह काम 47 साल पहले ही कर लेना चाहिए था।” ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां उनकी सेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उनका नेतृत्व खत्म हो चुका है। उनका रेडार सिस्टम खत्म हो चुका है।













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