• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

July 24, 2024
तो क्या कसाब और हाफिज सईद जैसों को भी जमानत दे देंगे? सरकार का SC से तीखा सवाल

सहमति से बने संबंधों को चरित्र से न जोड़ें: सुप्रीम कोर्ट

June 9, 2026
‘यह संयोग नहीं, प्रयोग है’: यूथ कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने साधा राहुल गांधी पर निशाना

‘हार का शतक और रणनीति की बैठकें’, राहुल गांधी पर संबित पात्रा का तंज

June 9, 2026
महुआ के बयान से गरमाई राजनीति, यूसुफ पठान को बताया साहसी

महुआ के बयान से गरमाई राजनीति, यूसुफ पठान को बताया साहसी

June 9, 2026
विदेशी मुद्रा भंडार 723.77 अरब डॉलर पर पहुँचा, गोल्ड रिजर्व में भी उछाल

चौथी तिमाही में भारत का चालू खाता अधिशेष 7.1 अरब डॉलर रहा

June 9, 2026
भारत को 6 साल में 10 करोड़ टन स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

स्टील सेक्टर की ग्रोथ से रिफ्रैक्टरी उद्योग को लाभ

June 9, 2026
आईपीओ

बीयर बाजार में बड़ा दांव: कार्ल्सबर्ग इंडिया ला सकती है आईपीओ

June 9, 2026
500+ रन बनाने वाली टीमों की लिस्ट में किस स्थान पर है भारत

500+ रन बनाने वाली टीमों की लिस्ट में किस स्थान पर है भारत

June 9, 2026
इंडिया अंडर-19 ने दक्षिण अफ्रीका को 233 रनों से हराकर की क्लीन स्वीप

भारत का ऐतिहासिक टेस्ट रिकॉर्ड, टॉप 10 सूची में बड़ा बदलाव

June 9, 2026
किशोर कुमार के आख़िरी दिन और उनकी अंतिम रिकॉर्डिंग का रहस्य

किशोर कुमार का भावुक पल: इस गाने ने कर दिया था उन्हें बेहद प्रभावित

June 9, 2026
नो एंट्री 2 से वरुण धवन ने भी किया किनारा

वरुण धवन का खुलासा: इस बड़ी हिट फिल्म को किया था रिजेक्ट

June 9, 2026
रिश्तों और कार्यस्थल में तनाव को संभालने की समझ

रिश्तों और कार्यस्थल में तनाव को संभालने की समझ

June 9, 2026
मंगलवार और सिंदूर तिलक का आध्यात्मिक अर्थ

मंगलवार और सिंदूर तिलक का आध्यात्मिक अर्थ

June 9, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Tuesday, June 9, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home आराधना-साधना

एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

भगवती सूत्र के एकेन्द्रिय जीवों के सूत्र को आचार्यश्री ने किया व्याख्यायित

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
July 24, 2024
in आराधना-साधना
Reading Time: 1 min read
A A
0
एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण
एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण
एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण
एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण
एकेन्द्रिय जीव के भी होते हैं आठ कर्म : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

वेसु, सूरत  : भगवती सूत्र में प्रश्न किया गया कि एकेन्द्रिय कितने प्रकार के होते हैं? उत्तर दिया गया कि एकेन्द्रिय पांच प्रकार के होते हैं-पृथ्वीकाय, अपकाय, तेजसकाय, वायुकाय और वनस्पतिकाय। हमारी दुनिया में दो ही चीजें हैं-जीव और अजीव। दुनिया में जो कुछ भी है या तो जीव अथवा अजीव। जीव और अजीव के अलावा दुनिया कुछ नहीं है। यह जगत इन दो तत्त्वों का सम्मिलित रूप है। अजीव मूर्त और अजीव अमूर्त होते हैं। जीव भी सिद्ध और संसारी होते हैं। संसारी आत्माएं शुद्ध नहीं होतीं। सिद्ध भगवान ही शुद्ध होते हैं। उनके साथ कर्म रूपी पुद्गल भी नहीं होते। संसारी जीवों के साथ कर्म लगे हुए रहते हैं। चौदहवें गुणस्थान में रहने वाले की आत्मा में भी कर्म लगे हुए होते हैं।

संसार में एकेन्द्रिय प्राणी सबसे ज्यादा अविकसित प्राणी हैं। उनके पास एक ही इन्द्रिय स्पर्शन होती है। द्विन्द्रिय प्राणियों को स्पर्शन और रसन इन्द्रिय भी होती है। त्रिन्द्रिय प्राणी के स्पर्शन, रसन के साथ घ्राणेन्द्रिय भी होती है। कीड़े-मकोड़े त्रिन्द्रिय में आते हैं। मच्छर, मक्खी आदि जीव चतुरेन्द्रिय प्राणियों में आते हैं। इनमें चक्षुरेन्द्रिय का भी विकास हो जाता है। चार इन्द्रियों वाले इन्द्रियों की दृष्टि से पूर्ण विकसित नहीं होते। एकेन्द्रिय जीव स्थावर कहे जाते हैं। वे एक स्थान पर स्थिर रहने वाले होते हैं। इन पांचों के लिए बताया गया है कि इन जीवों के आठों कर्म प्रकृतियां होती हैं। सामान्य आदमी के भांति ही एकेन्द्रिय प्राणियों के भी आठ कर्म होते हैं। इनके भी कर्म का बंधन होता है और कर्म झड़ते भी हैं। इस प्रकार एकेन्द्रिय जीव भी आठ कर्मों वाले होते हैं। उक्त ज्ञानमयी गंगा की धारा को जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी ने बुधवार को चतुर्मास स्थल भगवान महावीर युनिवर्सिटी में स्थित अपने प्रवास स्थल से ही श्रद्धालुओं को प्रदान कीं।

बुधवार को आसमान बादलों से आच्छादित रहा और रुक-रुककर वर्षा का क्रम जारी रहा। सूरत में हो रही भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति यथावत रही। इसके बावजूद भी अपने दृढ़ संकल्पों के धनी आचार्यश्री महाश्रमणजी ने जनता को पावन देशना प्रवास स्थल से ही प्रदान की।

आचार्यश्री के मंगल प्रवचन के उपरान्त साध्वीवर्या सम्बुद्धयशाजी ने भी जनता को उद्बोधित किया। संसारपक्ष में सूरत से सम्बद्ध मुनि हितेन्द्रकुमारजी, मुनि जागृतकुमारजी व मुनि अभिजितकुमारजी ने पूज्यप्रवर के स्वागत में अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति दी।

Tags: आचार्यश्री महाश्रमण
Previous Post

VIDEO: नेपाल में विमान हादसा, टेकऑफ करते ही हुआ क्रैश; 18 की मौत

Next Post

हल्द्वानी में रेलवे की जमीन कब्जाने वालों को बड़ी राहत, SC ने क्या कहा

Next Post
हल्द्वानी में रेलवे की जमीन कब्जाने वालों को बड़ी राहत, SC ने क्या कहा

हल्द्वानी में रेलवे की जमीन कब्जाने वालों को बड़ी राहत, SC ने क्या कहा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • सहमति से बने संबंधों को चरित्र से न जोड़ें: सुप्रीम कोर्ट
  • ‘हार का शतक और रणनीति की बैठकें’, राहुल गांधी पर संबित पात्रा का तंज
  • महुआ के बयान से गरमाई राजनीति, यूसुफ पठान को बताया साहसी
  • चौथी तिमाही में भारत का चालू खाता अधिशेष 7.1 अरब डॉलर रहा
  • स्टील सेक्टर की ग्रोथ से रिफ्रैक्टरी उद्योग को लाभ
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In