डेस्क : घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की नजर अब पेट्रोल और डीजल के दामों पर टिकी हुई है। हालांकि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों को लेकर सरकार और तेल कंपनियों को महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं।
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं। अधिकांश शहरों में कीमतें पूर्ववत बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।
इस बीच रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और विपणन लागत को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभी भी लगभग 2.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि अंतिम फैसला तेल कंपनियों और सरकार की नीति पर निर्भर करेगा।
दूसरी ओर, जून महीने में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि हुई है। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर लगभग 942 रुपये हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार की कर नीति का सीधा असर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर पड़ता है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में खुदरा ईंधन दरों को स्थिर रखा गया है।
सरकार ने हाल ही में डीजल और विमानन ईंधन के निर्यात पर कर बढ़ाने का फैसला किया है, जबकि पेट्रोल पर निर्यात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसे घरेलू ईंधन आपूर्ति और मूल्य प्रबंधन से जुड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के मोर्चे पर राहत मिली हुई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और तेल कंपनियों की लागत के आधार पर भविष्य में कीमतों में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।













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