नई दिल्ली:चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़े के अनुसार केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए सबसे ज्यादा चंदा मिला है। हाल में जारी डिटेल से ये भी सामने आ चुका है कि किस कंपनी ने किस पार्टी को कब और कितना पैसा दिया था। इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा ने कहा है कि उसे उसकी ताकत के हिसाब से चंदा मिला है। इस बीच पार्टी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी को जो चंदा मिला वह संसद में उसकी ताकत के हिसाब से मिला। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस के पास संसद में केवल 9% सांसद हैं लेकिन फिर भी उसे 1,400 करोड़ रुपये से अधिक मिले। उन्होंने कहा, “लोकसभा में बीजेपी के 303 सांसद हैं, जो कुल सांसदों की संख्या का 55% है। कांग्रेस के 48 सांसद हैं यानी 9% सांसद कांग्रेस के हैं। डीएमके के 24 और टीएमसी के 22 सांसद हैं।”
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जनता को यह जानकर आश्चर्य होगा कि बीजेपी को लगभग 6,000 करोड़ रुपये, टीएमसी को लगभग 1,400 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 1,400 करोड़ रुपये से अधिक मिले। इससे यह सवाल उठता है कि केवल 9% सांसदों वाली पार्टी को 1,400 करोड़ रुपये के बांड कैसे मिले।”
बता दें कि इलेक्टोरल बॉन्ड की सबसे बड़ी लाभार्थी भारतीय जनता पार्टी है। इसे मेघा इंजीनियरिंग, फ्यूचर गेमिंग और रिलायंस से संबंधित क्विक सप्लाई जैसे कई कोरपोरेट समूहों एवं व्यक्तियों से चंदा मिला है। पार्टी को इलेक्टोरल बॉन्ड से पिछले चार सालों में 6000 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिला है।
संबित पात्रा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि इलेक्टोरल बॉन्ड का प्राथमिक उद्देश्य चुनावी खर्चों में काले धन पर अंकुश लगाना और चुनावी सुधारों में सुधार करना है। पात्रा ने कहा, “संसद में चर्चा के दौरान, कांग्रेस ने इलेक्टोरल बॉन्ड का समर्थन किया। हालांकि, आज, अपनी हार को सामने देखते हुए, कांग्रेस इन्हीं इलेक्टोरल बॉन्ड और चुनाव आयोग को दोषी ठहरा रही है।”
चुनाव आयोग द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड के विवरण का खुलासा करने से एक दिन पहले, अमित शाह ने इस आरोप को खारिज कर दिया कि भाजपा ने कॉरपोरेट्स को ईडी और आईटी विभाग से धमकी दिलवाकर इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चंदा लिया। उन्होंने कहा कि 90% पैसा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद आया था।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़े के अनुसार भाजपा को हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग ने 584 करोड़ रुपये, क्विक सप्लाई ने 395 करोड़ रुपये और फ्यूचर गेमिंग ने 100 करोड़ रुपये चंदा दिया। मेघा इंजीनियरिंग को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वास्ते कई ठेके मिले। भाजपा को केवेंटर्स फुड पार्क, एमकेजी इंटरप्राइजेज और मदनलाल लिमिटेड से भी 346 करोड़ रुपये चंदा मिला।
तीनों कंपनियों का पता कोलकाता में एक ही है। वेदांता ने पार्टी को 226 करोड़ रुपये और हल्दिया इनर्जी ने 81 करोड़ रुपये चंदा दिया। वेदांता ने कांग्रेस को भी 125 करोड़ रुपये चंदा दिया। इस विपक्षी दल को वेस्टर्न यूपी पावर एंड ट्रांसमिशन, एमकेजे इंटरप्राइजेज और यशोदा सुपर स्पेलियटी हॉस्पीटल्स से भी चंदा मिला। भाजपा को भी वेस्टर्न यूपी पावर एंड ट्रांसमिशन कंपनी से 80 करोड़ रुपये और वेलस्पुन से 42 करोड़ रुपये चंदा मिला।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
