डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और उसके चलते गहराए वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर चीन ने बड़ा बयान दिया है। चीन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि होर्मुज जलडमर मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में बाधा के लिए अमेरिका और इज़राइल जिम्मेदार हैं, न कि अकेले ईरान। चीन के अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के गैर-कानूनी सैन्य हमलों ने ही इस संकट को जन्म दिया है।
चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “होर्मुज समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही में रुकावट की असली वजह अमेरिका और इज़राइल के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान ने इन हमलों के जवाब में ही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अस्थायी रूप से बंद किया, जिसके कारण पूरी दुनिया में ईंधन संकट और तेल की कीमतों में उछाल आया है।
इस बयान के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रभावित देशों से कहा कि जो देश इस मार्ग से तेल प्राप्त करते हैं, उन्हें ही इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अमेरिका अब सीधे तौर पर इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।
विश्लेषकों के अनुसार, चीन का यह बयान उसकी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और जियो-राजनीतिक स्थिति को मजबूती देने का संकेत भी है। चीन इस जलमार्ग से तेल का बड़ा आयातक है और होर्मुज की नाकाबंदी ने उसकी ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित किया है।
चीन की ओर से दिया गया यह बयान इस बात का संकेत है कि वैश्विक ऊर्जा संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है, और इसके प्रभाव से विश्व की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है।













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