डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। बुधवार को वाइट हाउस में आयोजित एक निजी दोपहर के भोजन के दौरान ट्रंप ने मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों की ओर मज़ाकिया टिप्पणियाँ कीं। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों की पत्नी उनके साथ “बहुत बुरा व्यवहार” करती हैं और मैक्रों अभी भी पिछले साल उनके जबड़े पर पड़े जोरदार झटके से उबर नहीं पाए हैं।
ट्रंप ने यह टिप्पणी फ्रांसीसी लहजे की नकल करते हुए की और कहा कि उन्होंने खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान मैक्रों से मदद मांगी थी, लेकिन उन्होंने उसे नकार दिया। इसके साथ ही ट्रंप ने नाटो के सहयोगी देशों की आलोचना करते हुए इसे “पेपर टाइगर” बताया और कहा कि बड़े संकट में इसकी कोई वास्तविक उपयोगिता नहीं है।
मैक्रों का जवाब: शालीनता और मर्यादा का पाठ
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की टिप्पणियों पर कड़ा जवाब दिया। दक्षिण कोरिया से मीडिया से बातचीत में मैक्रों ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियाँ “शालीनता और मानदंडों के अनुरूप नहीं हैं” और यह “जवाब देने लायक भी नहीं” हैं। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया को गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है, जैसे मध्य पूर्व में संघर्ष को कम करना और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना।
फ्रांसीसी संसद और अन्य नेताओं ने भी ट्रंप की टिप्पणी की निंदा की। निचले सदन की अध्यक्ष याएल ब्रौन‑पिवेट ने कहा कि जब दुनिया संघर्ष, कूटनीतिक तनाव और लाखों लोगों के जीवन पर असर डालने वाली परिस्थितियों से जूझ रही है, तब ऐसे मज़ाक की कोई जगह नहीं है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
कूटनीति विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की टिप्पणी ने अमेरिकी और यूरोपीय नेताओं के बीच पहले से मौजूद मतभेदों को और स्पष्ट किया है। पेरिस स्थित राजनीतिक विश्लेषक मार्क लुइस का कहना है कि यह घटना ट्रंप के नेतृत्व और उनकी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक शैली पर नई बहस को जन्म दे सकती है। उन्होंने कहा, “ट्रंप का यह मज़ाक सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देता है कि वह यूरोपीय गठबंधनों और सहयोगियों के प्रति कितने कट्टर और आलोचनात्मक हैं।”
कूटनीतिक असर
विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद नाटो और मध्य पूर्व में अमेरिकी नेतृत्व की भूमिका पर सवाल खड़े कर सकता है। ट्रंप की टिप्पणियों ने यह भी दिखाया कि वैश्विक मंच पर भाषा और सम्मान की भूमिका कितनी अहम है। फ्रांस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे निजी हमलों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय गंभीर कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देगा।
इस घटना ने ट्रंप और मैक्रों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है, जबकि वैश्विक राजनीति और गठबंधनों के संदर्भ में यह घटनाक्रम चर्चा का केंद्र बन गया है।













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