डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Anand Sharma ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मौजूदा हालात को वैश्विक अस्थिरता और आर्थिक संकट का संकेत बताते हुए भारत के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए शर्मा ने कहा कि Iran पर United States और Israel के हमलों और उसके बाद की जवाबी कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकट और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर गंभीर खतरे पैदा कर दिए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से Strait of Hormuz का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत समेत कई देश, जो कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं, अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं। शर्मा के अनुसार, दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है।
नीति और कूटनीति की परीक्षा
आनंद शर्मा ने कहा कि मौजूदा हालात भारत की नीति और कूटनीति दोनों की परीक्षा ले रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के खाड़ी देशों के साथ लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं, जबकि ईरान के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी रहा है।
प्रवासी भारतीयों और अर्थव्यवस्था पर असर
उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे लगभग एक करोड़ भारतीयों के हितों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। भारत को मिलने वाले कुल विदेशी मुद्रा प्रेषण का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, जो मौजूदा संकट के चलते प्रभावित हो सकता है।
केंद्र सरकार की पहल की सराहना
शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाने के फैसले को परिपक्व कदम बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राष्ट्रीय आम सहमति और एकजुटता बेहद आवश्यक है, ताकि भारत की वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूती मिल सके।
वैश्विक चुनौतियों पर चिंता
अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को और गंभीर बना दिया है। आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और मुद्राओं के मूल्य में गिरावट जैसी समस्याएं तत्काल और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर चिंता का विषय हैं।
बहुपक्षीय व्यवस्था पर सवाल
शर्मा ने ‘नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यवस्था’ के कमजोर पड़ने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट प्रबंधन तंत्र का क्षरण हो रहा है और ऐसे समय में दुनिया मूकदर्शक नहीं रह सकती।
ग्लोबल साउथ को एकजुट करने की अपील
अपने अंतिम संदेश में आनंद शर्मा ने भारत से ‘ग्लोबल साउथ’ और अपने रणनीतिक साझेदार देशों को एकजुट करने की अपील की, ताकि सामूहिक रूप से शांति और स्थिरता बहाल की जा सके।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में परिपक्व, संतुलित और राष्ट्रीय हितों से प्रेरित प्रतिक्रिया ही सबसे बड़ी आवश्यकता है।













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