हरतालिका तीज व्रत, जो 6 सितंबर को मनाया जाएगा, विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए किया जाता है। इस दिन को लेकर भक्तों में गहरी श्रद्धा और आदर है। इस लेख में हम इस व्रत के महत्व, पूजा विधि और संबंधित विवरणों को विस्तार से जानेंगे।
हरतालिका तीज का महत्व
हरतालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा किया जाता है ताकि उनके वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहे। इस दिन का आयोजन करने से दांपत्य जीवन में सामंजस्य और सौहार्द्रता बनी रहती है और पति की लंबी उम्र की कामना की जाती है।
पूजा तिथि और मुहूर्त
इस वर्ष हरतालिका तीज की तिथि 5 सितंबर को सुबह 10:13 बजे से शुरू होगी और 6 सितंबर को दोपहर 12:17 बजे समाप्त होगी। इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:02 से 8:33 बजे तक रहेगा। इस समय के दौरान पूजा करने से व्रति को अधिक फल प्राप्त होता है।
हरतालिका तीज व्रत विधि
- निर्जला व्रत और पूजा का आयोजन: महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं, यानी बिना पानी और भोजन के उपवासी रहती हैं। शाम को श्रद्धा पूर्वक पूजा की जाती है। पूजा के दौरान महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं, और देवी को सुहाग की वस्तुएं अर्पित करती हैं।
- पूजा स्थल की सजावट: पूजा के लिए भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश की प्रतिमाएं रेत और काली मिट्टी से बनाई जाती हैं। पूजा स्थल को फूलों से सजाया जाता है। एक चौकी पर केले के पत्ते बिछाए जाते हैं और शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित की जाती है।
- पूजा विधि:
- सबसे पहले, मिट्टी से बनाई गई प्रतिमाओं की पूजा करें। भगवान गणेश को तिलक करके दूर्वा अर्पित करें।
- भगवान शिव को फूल, बेलपत्र, और शमीपत्र अर्पित करें। माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
- देवताओं को वस्त्र अर्पित करने के बाद, हरतालिका तीज व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
- अंत में श्री गणेश की आरती करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारें। पूजा के बाद भोग अर्पित करें।
हरतालिका तीज की पूजा के लाभ
हरतालिका तीज का व्रत करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:
- वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
- दांपत्य जीवन में सौहार्द्रता और प्रेम बढ़ता है।
- पति की लंबी उम्र और स्वास्थ्य की कामना पूरी होती है।
- व्रति को सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
हरतालिका तीज का व्रत पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ करना चाहिए। इस दिन की गई पूजा और व्रत से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।













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