कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने पूर्व नेता हुमायूं कबीर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये की डील करने की योजना बनाई।
वीडियो में क्या दिख रहा है
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया गया है कि हुमायूं कबीर ने कथित रूप से 200 करोड़ रुपये अग्रिम के तौर पर मांगे और चुनावी रणनीति पर चर्चा की। वीडियो में यह भी बताया गया कि यह डील मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने और मुस्लिम वोटों को विभाजित करने के उद्देश्य से की जा रही थी।
टीएमसी का तीखा आरोप
टीएमसी ने वीडियो को “चौंकाने वाला और दुर्भावनापूर्ण” बताया। पार्टी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मामले की जांच की मांग की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई वित्तीय लेन-देन या राजनीतिक साजिश हुई। टीएमसी का कहना है कि यह वीडियो साबित करता है कि भाजपा और कुछ नेता चुनावी फायदे के लिए संवेदनशील धार्मिक मुद्दों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
हुमायूं कबीर का बयान
हुमायूं कबीर ने वीडियो को फर्जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से निर्मित बताया। उन्होंने इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
चुनावी पृष्ठभूमि
हुमायूं कबीर दिसंबर 2025 में टीएमसी से अलग होकर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) की स्थापना कर चुके हैं। उनके कथित बयान चुनावी रणनीति और अल्पसंख्यक वोटों को प्रभावित करने की दिशा में राजनीतिक हलचल को उजागर करते हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के करीब यह विवाद नए राजनीतिक द्वंद्व को जन्म दे रहा है। अब यह देखना होगा कि वीडियो की सत्यता और जांच एजेंसियों की कार्रवाई चुनावी राजनीति को किस दिशा में मोड़ती है।













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