डेस्क:वैश्विक निवेश फर्म ईक्यूटी के स्वामित्व वाली कंपनी- इंदिरा IVF ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के माध्यम से अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) को फिर से दाखिल किए हैं। इंदिरा IVF ने इससे पहले फरवरी में भी डीआरएचपी दाखिल किए थे। इसे कंपनी ने मार्च के महीने में वापस ले लिया था।
बता दें कि गोपनीय तरीके से कंपनियां विवरण सार्वजनिक किए बिना फीडबैक के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट आईपीओ पेपर दाखिल कर सकती हैं। इससे पहले आईनॉक्स क्लीन एनर्जी, शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज, शिप्रॉकेट, टाटा कैपिटल और फिजिक्सवाला के अलावा बोट जैसी कई कंपनियों ने गोपनीय तरीके से आईपीओ दस्तावेज दाखिल करने का विकल्प चुना है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार इंदिरा आईवीएफ का आईपीओ लगभग ₹3500 करोड़ का हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस डील में नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे क्योंकि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ईक्यूटी आईपीओ के माध्यम से ₹2,900 करोड़ के शेयर बेच सकती है। वहीं, कंपनी संस्थापक परिवार के तीन सदस्य – अजय मुर्डिया, क्षितिज मुर्डिया और नितिज मुर्डिया – प्रत्येक ₹200 करोड़ मूल्य के शेयर बेचेंगे। कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी और यूबीएस ग्रुप एजी आईपीओ के लिए एडवाइजरी दे रहे हैं।
2011 में स्थापित कंपनी 155 से अधिक प्रजनन केंद्र चलाती है और सितंबर 2024 में जमा किए गए अपने पहले प्रॉस्पेक्टस के आधार पर, पूरे भारत में 315 आईवीएफ विशेषज्ञों के साथ सहयोग करती है। इस बीच, प्रजनन देखभाल क्षेत्र में एक अन्य प्रमुख कंपनी गौडियम IVF एंड वूमन हेल्थ भी आईपीओ लाने की योजना बना रही है। यह कंपनी निकट भविष्य में डीआरएचपी को फिर से दाखिल करने की तैयारी कर रही है।













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