एवियन (फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के 52वें संस्करण के आउटरीच सत्र में वैश्विक साझेदारी के लिए ‘विश्वास’ को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज की परस्पर जुड़ी हुई दुनिया में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दाता-प्राप्तकर्ता (डोनर-रिसिपिएंट) संबंधों से आगे बढ़कर समानता, सम्मान और एकजुटता पर आधारित साझेदारी का रूप लेना चाहिए।
‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान तभी संभव है जब देशों के बीच भरोसा और सहयोग की भावना मजबूत हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सदैव ‘मानवता प्रथम’ के सिद्धांत पर कार्य करता आया है। उन्होंने भारत की अगुवाई में शुरू की गई कई वैश्विक पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इंटरनेशनल सोलर एलायंस, आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई), ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस, मिशन लाइफ तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान इसी सोच का प्रतिबिंब हैं।
उन्होंने भारत की विदेश नीति के मूल दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया को एक परिवार मानता है और सतत तथा समावेशी वैश्विक विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ता से कायम है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी की यह किसी साझेदार देश के नेता के रूप में 13वीं उपस्थिति है। साथ ही यह लगातार सातवां अवसर है जब वे इस वैश्विक मंच पर भाग ले रहे हैं।
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संक्षिप्त मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं ने पारंपरिक ‘फैमिली फोटो’ के बाद हाथ मिलाया और कुछ समय बातचीत की। दोनों नेता जी-7 आउटरीच सत्र में एक-दूसरे के निकट बैठे दिखाई दिए।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता मौजूद रहे।
जी-7 सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेने वाले हैं। उनके कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। इसके अलावा 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हैं, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।












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