डेस्क:जनसुराज पार्टी ने पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर के पार्टी संगठन को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। अगले देढ़ माह में पार्टी संगठन को नये सिरे से तैयार किया जायेगा। शनिवार को पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर की उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। हालांकि नये संगठन निर्माण तक भंग कमेटी अपना कार्य करती रहेगी। पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेताओं को राज्य के सभी 12 प्रमंडलों का दायित्व सौंपा है जो अपने अधीनस्थ जिलों में नये सिरे से प्रभावी और क्रियाशील संगठनात्मक ढांचे का निर्माण करेंगे।
पार्टी नेताओं की यह टीम व्यापक चर्चा करके अपनी हार के कारणों का पता लगाएगी। साथ ही अनुशासनहीनता और भीतरघात के लिए दोषी नेताओं के संबंध में पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपेगी। बैठक के बाद पार्टी के प्रवक्ता सैयद मसीहउद्दीन ने बताया कि शनिवार को शेखपुरा हाउस में आयोजित जनसुराज के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है। 21 दिसंबर को पटना में पार्टी के सामान्य परिषद की बैठक होगी। इसमें पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जिला के प्रमुख नेताओं से चुनाव और संगठन संबंधी उनके अनुभवों को विस्तार से सुनेगा।
बैठक में भारत के पूर्व वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता वाई.वी. गिरि, पूर्व आईएएस अरविंद सिंह, एन.पी. मंडल, ललन यादव व ए.के. द्विवेदी, पूर्व आईपीएस आर.के. मिश्रा, जितेन्द्र मिश्रा और विनोद कुमार चौधरी, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पूर्व विधान पार्षद रामबली सिंह चंद्रवंशी मौजूद रहे। आपको बता दें बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता तक नहीं खुला था। 99 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। पीके की पार्टी को करीब साढ़े 3 फीसदी वोट शेयर मिला था।













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