नई दिल्ली : विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अब पासपोर्ट बनवाने के लिए अधिक खर्च करना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन और पुनर्निर्गमन (री-इश्यू) से संबंधित शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। नए शुल्क लागू होने के बाद नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के साथ-साथ पासपोर्ट के नवीनीकरण या पुनर्निर्गमन पर भी पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बढ़ती प्रशासनिक लागत, तकनीकी उन्नयन और ई-पासपोर्ट व्यवस्था के विस्तार को ध्यान में रखते हुए शुल्क संरचना में संशोधन किया गया है। नई दरें विभिन्न श्रेणियों के आवेदकों पर लागू होंगी और सेवा के प्रकार के अनुसार शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
पासपोर्ट सेवा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि शुल्क वृद्धि के बावजूद आवेदन प्रक्रिया पहले की तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रहेगी। नागरिक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन, शुल्क भुगतान और अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-पासपोर्ट और आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए शुल्क संशोधन स्वाभाविक कदम है। हालांकि, इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो पहली बार पासपोर्ट बनवा रहे हैं या जिनका पासपोर्ट समाप्त होने के बाद पुनर्निर्गमन कराया जाना है।
सरकार की ओर से संशोधित शुल्क की विस्तृत जानकारी संबंधित अधिसूचना और पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।













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