डेस्क:वैशाली ज़िले में इस बार मतगणना को लेकर रोचक स्थिति बन गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों—तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव—की विधानसभा सीटों की गिनती के लिए चुनाव आयोग ने अलग-अलग केंद्र निर्धारित किए हैं।
मुख्यमंत्री पद के महागठबंधन प्रत्याशी तेजस्वी यादव की राघोपुर सीट की मतगणना हाजीपुर के आईटीआई संस्थान में होगी, जबकि उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव की महुआ सीट के वोट हाजीपुर के आरएन कॉलेज में गिने जाएंगे।
दिलचस्प यह है कि पटना जिले की सभी 14 सीटों की गिनती एक ही केंद्र—एएन कॉलेज, पटना—में होगी, लेकिन वैशाली की 8 सीटों के लिए दो अलग-अलग केंद्र बनाए गए हैं। इसका कारण बताया गया है कि हाजीपुर स्थित आरएन कॉलेज में पर्याप्त जगह नहीं है, इसलिए आयोग ने दो मतगणना स्थल तय किए हैं।
आरएन कॉलेज में महनार, लालगंज, वैशाली, महुआ और राजापाकर की गिनती होगी, जबकि आईटीआई केंद्र पर हाजीपुर, पातेपुर और राघोपुर सीटों के वोट गिने जाएंगे।
वैशाली ही नहीं, बल्कि राज्य के 38 जिलों में कुल 46 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। सहरसा, पूर्वी चंपारण, सीवान, भागलपुर, गया और पूर्णिया जैसे जिलों में भी एक से अधिक केंद्र बनाए गए हैं। मतगणना 14 नवंबर की सुबह 8 बजे से शुरू होगी।
राजनीतिक दृष्टि से वैशाली इस बार भी सुर्खियों में है। तेजस्वी यादव राघोपुर से तीसरी बार मैदान में हैं—यह वही सीट है जहां से उनके माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी विधायक रह चुके हैं। दूसरी ओर, तेज प्रताप यादव महुआ सीट से दोबारा किस्मत आज़मा रहे हैं। 2015 में वह यहां से जीते थे, लेकिन 2020 में उन्होंने हसनपुर (समस्तीपुर) से चुनाव लड़ा था। इस बार वे फिर से अपने पुराने गढ़ महुआ लौटे हैं, जहां से मौजूदा राजद विधायक मुकेश रौशन भी लालटेन के निशान पर मैदान में हैं।













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