नई दिल्ली: संसद के आगामी मॉनसून सत्र को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) ने शनिवार को एक अहम डिजिटल बैठक की। 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने इस बैठक में हिस्सा लिया और सरकार को घेरे जाने की साझा रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोके जाने, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित मध्यस्थता दावे, बिहार में चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर), चीन और गाजा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (उद्धव) के उद्धव ठाकरे, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जेके नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई नेता शामिल हुए।
‘सरकार जवाब दे, प्रधानमंत्री सदन में आएं’
बैठक के बाद कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बताया कि विपक्ष इस बात को लेकर एकमत है कि पहलगाम आतंकी हमला सबसे गंभीर मुद्दा है और संसद में इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि हमले के दोषियों को अब तक न्याय के कठघरे में क्यों नहीं लाया गया।
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोका जाना और इसके पीछे छिपे रहस्य पर सरकार को जवाब देना होगा। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी भी गंभीर सवाल खड़े करती है।”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी कहा कि इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी को स्वयं संसद में आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “पहलगाम, ऑपरेशन सिंदूर, ट्रंप के दावे और चीन के मसले पर कम से कम दो दिनों की विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। यह विपक्ष की नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संसद को सुचारू रूप से चलाए।”
‘एसआईआर से वोटर अधिकारों पर खतरा’
बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी गहरी चिंता जताई गई। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया लाखों मतदाताओं के अधिकार छीनने की साजिश हो सकती है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि एसआईआर के नाम पर लोकतंत्र की जड़ों पर चोट की जा रही है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर अत्याचार के मामलों को भी संसद में पुरज़ोर ढंग से उठाया जाएगा।
AAP ने बनाई दूरी, INDIA गठबंधन में हलचल
इस बैठक से ठीक एक दिन पहले आम आदमी पार्टी ने ‘इंडिया’ गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी थी। AAP ने कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब वह इस विपक्षी मंच का हिस्सा नहीं है। हालांकि, इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रमोद तिवारी ने कहा, “आज की बैठक में 24 दल शामिल हुए हैं। यह विपक्ष की एकता का प्रमाण है।”
बैठक पहले खरगे के आवास पर प्रस्तावित थी, लेकिन प्रमुख नेताओं की अनुपलब्धता के कारण इसे डिजिटल माध्यम से आयोजित किया गया। जल्द ही गठबंधन की प्रत्यक्ष बैठक आयोजित की जाएगी।
21 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा और इसमें कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं। विपक्ष ने संकेत दिया है कि यह सत्र सरकार के लिए आसान नहीं होगा। ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता इस बार संसद में आक्रामक रुख अपनाने को तैयार हैं।













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