ढाका:बांग्लादेश में सियासी उलटफेर (Bangladesh Crisis) और शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद गुरुवार को अंतरिम सरकार का गठन हो गया. बंगभवन (बांग्लादेश के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास) पर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने अंतरिम सरकार के चीफ के तौर पर शपथ ली. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार को शपथ दिलाई. यूनुस के साथ ही अंतरिम सरकार के 14 सदस्यों ने भी शपथ ली है. अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद यूनुस को बधाई दी हैं. पीएम मोदी ने कहा, “उम्मीद है कि बांग्लादेश में जल्द हालात सामान्य होंगे. वहां हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी.”
मोहम्मद यूनुस जाने माने अर्थशास्त्री, सोशल वर्कर और बैंकर हैं. उन्हें बांग्लादेश में गरीबी मिटाने का जरिया बताने के लिए नोबेल पुरस्कार मिल चुका है. मोहम्मद यूनुस को ‘गरीबों का दोस्त’ और ‘गरीबों का बैंकर’ कहा जाता है. 2006 में मोहम्मद यूनुस और उनके ग्रामीण बैंक नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
मोहम्मद यूनुस ने 2007 में अपनी एक राजनीतिक पार्टी बनाई थी. इसका नाम ‘नागरिक शक्ति’ रखा था. वो 2008 में चुनाव लड़ने वाले थे. लेकिन किन्ही कारणों से ऐसा हो नहीं पाया.
शपथ ग्रहण के लिए मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार दोपहर को ही पेरिस से ढाका पहुंचे थे. उन्होंने एयरपोर्ट पर ही आर्मी चीफ वकार-उज-जमान, सिविल सोसाइटी के लोगों और कुछ छात्र नेताओं से मुलाकात की थी. यूनुस ने बांग्लादेश के लोगों को एक ऐसी सरकार देने का वादा किया है, जो अपने नागरिकों को सुरक्षा का आश्वासन देती हो. उन्होंने बांग्लादेश के पुनर्निर्माण में भी मदद करने की बात कही.













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